वोट

 ***************वोट**************

बोट लेण आवैं जब काम कितने गिणावैं
वोट लिए पाछै कयान्तै मज़बूर होज्यां सैं
मीठी मीठी बात मार जीत लैं भरोषा
सरकार बणे पाछै कयान्तै दूर होज्यां सैं
अरै माटी मै ऐ रह गे म्हारे खेलदे जवान
फ़ेर म्हारै हालाँतां का क़सूर होज्या सैं
म्हणतां मैं गात म्हारे मार ज्यां उबाले
उसे दिन थारै गात मैं फ़ितूर होज्या सै
गरीब के घरां तै बस लिकड़ै सप्याहि
दौलतां के लाड़याँ मैं ग़ुरूर होज्यां सै
नेता ना सूँ बेटा कह क़ै वोट मांग ज्यांवै
वैं ऐ शोहरतां के नशयां मैं रै चूर होज्यां सैं
नारा ला क़ै वैं गरीब के हिमायती होण का
गरीबां की जडाँ नै काट मशहूर होज्यां सैं
म्हारे काले आखर भैंस के बराबर सै लोगो
जिब्बे दीप जांगड़े नै लिखण के सहूर होज्यां सै
Deep Jangra

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

भारत में 2000 नोट बैन के पीछे के कारणों की जानकारी "दी 8 नवंबर 2016 स्टोरी "

Lapataa Hoon Mai अपने आप से बातों का एक संग्रह एक कविता लापता हूं मैं दीप जांगड़ा की कविता

ऑनलाइन पैसे कमाने के शानदार तरीके: घर बैठे इंटरनेट से इनकम के टिप्स: Ghar Baithe Paise Kamaane Ke Achook Upay Hindi Men